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Dehradun: भूस्खलन से आपदा प्रभावित जाखन गांव के भवन 10-25 मीटर तक खिसके, कई भवनों में आई दरारें

Wed, 23 Aug 2023 04:41 PM IST
अलका त्यागी मुकेश जुयाल, अमर उजाला, विकासनगर(देहरादून)

सार

यह खुलासा भूगर्भीय निरीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में भूस्खलन को रोकने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं।
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जाखन गांव में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीते बुधवार को विकासनगर तहसील के जाखन गांव में हुए भूस्खलन से गांव के भवन 10-25 मीटर दूरी तक खिसक गए। जिस कारण भवनों में दरारें आई। आपदा प्रभावित क्षेत्र सक्रिय भूकंपीय पट्टी के अंतर्गत भी आता है। जिस कारण भविष्य में भी यहां भूगर्भीय उथल पुथल होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

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यह खुलासा भूगर्भीय निरीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में भूस्खलन को रोकने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं। हालांकि रिपोर्ट में गांव के विस्थापन की सिफारिश की गई है।
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की सहायक भूवैज्ञानिक कामिनी बिष्ट ने जिलाधिकारी के निर्देश पर बीती 18 अगस्त को गांव पहुंच कर बारीकी से भूगर्भीय निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भूस्खलन से ग्राम जाखन में भूधंसाव एवं दरारें पड़ गई हैं। गांव में स्थित भवन 10-25 मीटर दूरी तक खिसक गए हैं। जिस वजह से भवनों में दरारें आ गई हैं।
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भूगर्भीय दृष्टिकोण से आपदा प्रभावित क्षेत्र दून-ग्रेवल्स के अंतर्गत आता है। भूखंड क्षेत्र भारतीय भूकंपीय मानचित्र-चार, सक्रिय भूकंपीय पट्टी के अंतर्गत आता है। भूस्खलन के कारण 5 से 10 मीटर चौड़ाई की दरारें अपहिल (ऊपरी पहाड़ी) और डाउनहिल (निचली पहाड़ी) के दोनों तरफ उत्पन्न हो गई हैं। भूस्खलन स्थल में मृदा का 15 से 20 मीटर आवरण बहुत ज्यादा मात्रा में पाया गया। भूस्खलन से मोटर मार्ग पर 5 से 10 मीटर का धंसाव हुआ है। 

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भूधंसाव को रोकने के लिए यह दिए सुझाव

- भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए सामुदायिक भूमि पर वन क्षेत्र में वृद्धि किया जाना आवश्यक है।
- कटाव को रोकने के लिए ढलान पर भूस्खलन रोकने वाली प्रजाति के पौधों को रोपित किया जाए।
- संपर्क वाहन मार्ग के स्थायित्व हेतु यथोचित आयाम की धारक दीवार का निर्माण कराया जाए।
- वर्षाकाल के दौरान प्रवाहित जल की निकासी हेतु नियंत्रित जल प्रवाह तंत्र विकसित किया जाए।
- प्राकृतिक जलधाराओं या जल निकासी मार्गों को चैनलाइज किया जाए।
- अधिकतम ढलान वाले भू-भागों पर मृदा क्षरण के वेग को कम करने के लिए जाल निर्माण किया जाए।
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आपदा से प्रभावित हैं 28 परिवार

बीते बुधवार को जाखन गांव भूस्खलन की जद में आया गया था। जिससे 10 मकान पूरी तरह ढह गए थे। दो को आंशिक क्षति पहुंची थी। सात गोशालाएं भी ढह गई थीं। गांव को खाली करना पड़ा था। गांव में 28 परिवार निवास कर रहे थे।

भूगर्भीय रिपोर्ट के आधार पर गांव के विस्थापन को लेकर भूमि के चयन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भूस्खलन को रोकने के लिए रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर अमल करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा।
- विनोद कुमार, उपजिलाधिकारी
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