पारंपरिक बीजों को संरक्षित रखना उद्देश्य : जड़धारी
बीज बचाव आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी पहाड़ के कई पारंपरिक बीजों को लेकर एक्सपो में पहुंचे हैं। वे लोगों को वर्षों पुरानी संस्कृति से रूबरू करवा रहे हैं। विजय जड़धारी ने बताया कि मंडुआ, झिंगोरा, पौड़ी, चीड़ा, लाल चावल, लोबिया, कौड़ी, कंकोड़ा और गहथ समेत कई बीजों की सैकड़ों विविधताएं लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इन बीजों के सैकड़ों प्रकार हैं। इनका सेवन करने से मनुष्य पूरी तरह रोग मुक्त रहता है। इस दौरान वे लोगों से पहाड़ के बीजों और संस्कृति को संरक्षित रखने की अपील कर रहे हैं। संवाद
हड्डियों के दर्द में चुल्लू का तेल कारगर
विजय जड़धारी ने बताया कि चुल्लू का तेल हड्डी रोगियों के लिए काफी मददगार है। इसे चुल्लू के बीजों से तैयार किया जाता है। इससे हड्डियों के दर्द और त्वचा को सुंदर रखने में भी काफी मदद मिलती है।