एसडीएम कालसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास
एक जिला पंचायत सदस्य आरा दीवान सिंह तोमर ने सदन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कहा कि मैंने एसडीएम कालसी को एक मामले में कॉल की थी लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। मंगलवार को वह एसडीएम कार्यालय में पहुंच गए। करीब ढाई घंटे तक वह एसडीएम से मिलने के लिए बैठे रहे लेकिन एसडीएम ने उनको सूचना होने के बावजूद अंदर नहीं बुलाया। दीवान सिंह ने सदन को अवगत कराया कि जब एक जनप्रतिनिधि को एसडीएम से मिलने के लिए ढाई-तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ता है तो आम आदमी के पहुंच से अधिकारी कितनी दूर हैं। इस पर सदन ने एकमत से इस घटना के विरोध में एसडीएम कालसी के विरोध में निंदा प्रस्ताव पास किया।
सदन में नहीं पहुंचे अधिकारी तो अभिषेक हुए नाराज
बोर्ड बैठक की शुरुआत लोनिवि से हुई। सदस्यों ने जब सवाल पूछना शुरू किया तो उस समय तक बैठक में लोनिवि के चार खंड के अधिशासी अभियंता नहीं पहुंचे थे। इस पर सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारियों को सदन की गरिमा का ख्याल नहीं है। जब अधिकारी ही नहीं हैं तो जनप्रतिनिधि क्या सवाल पूछे। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अनुपस्थित अधिकारियों का एक महीने का वेतन काटा जाए। सर्वसम्मति से इसे पास कर दिया गया। हालांकि बाद में अनुपस्थित अधिकारी बैठक में पहुंच गए। इसके बाद वेतन रोकने के प्रस्ताव को बदलते हुए भविष्य में बोर्ड बैठक की गरिमा का ध्यान न रखने पर कड़ी चेतावनी दी गई।