श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने संगतों को अतिथि देवो भव: का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्री झंडे जी मेले में अतिथियों को भगवान का रूप समझा जाता है। लोगों की आवभगत में कोई कमी छोड़ी नहीं जाती। महाराज जी ने श्री झंडे जी मेले को दूनवासियों से सहयोग एवं प्रेम मिलता है।
मातावाला बाग में हो सकता है श्री झंडा आरोहण
श्री झंडा मेला आयोजन समिति की ओर से रविवार को महत्वपूर्ण बैठक की गई, जिसमें पदाधिकारी, सदस्यों व संगतों ने अगले वर्ष का श्री झंडा आरोहण मातावाला बाग में कराए जाने की संभावनाओं पर विचार किया। कहा गया कि वर्तमान में श्री दरबार साहिब के परिसर में पर्याप्त स्थान न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा व आमजनों की सुविधाओं की दृष्टि से झंडा आरोहण का स्थान बदले जाने पर विचार किया गया। हालांकि, बैठक में इसे लेकर सहमति नहीं बन सकी है। प्रबंधन समिति ने कहा कि इसके लिए धार्मिक व आध्यात्मिक पक्ष का पूर्ण अध्ययन एवं अवलोकन करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
अष्टधातु के ध्वज दंड पर भी विचार
श्री झंडे जी का ध्वज दंड खंडित होने के कारण अब श्री दरबार साहिब में श्री झंडे जी के ध्वज दंड की मजबूती पर जोर दिया जाने लगा है। इसे लेकर रविवार को हुई बैठक में 87 वर्षीय सेवादार जगतार सिंह ने कहा कि मौसम की विषम परिस्थितियों के कारण श्री झंडे जी का ध्वज दंड बारिश से भीग गया था, जिस कारण उसमें लचक आ गई। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति में हो रहे परिवर्तन को देखते हुए श्री झंडे जी के ध्वज दंड को अष्टधातु से निर्मित करना होगा, ताकि किसी भी विषम परिस्थितियों में ध्वज दंड मजबूत रहे। इसे लेकर अन्य सदस्यों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
पंचमी तिथि की चर्चाओं को नकारा
महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने इस बार होली के पांचवें दिन श्री झंडे जी का आरोहण न होने की चर्चाओं को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि देश के विद्वान व राजपुरोहितों से विचार-विमर्श कर श्री झंडे जी का आरोहण 13 मार्च को कराने का निर्णय लिया। विद्वानों ने ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, 13 मार्च को पंचमी की वास्तविक तिथि बताई।