राज्य बाल आयोग ने किया जवाब तलब
पीड़िता के बारे में जानकारी मिलने पर राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने जिला अस्पताल के सीएमओ से पूछा है कि अस्पताल में चिकित्सा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं, जबकि दुष्कर्म पीड़िता को चिकित्सा सहायता के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए थी। कानूनी प्रावधान के अनुसार, दुष्कर्म पीड़िता को अस्पताल में इलाज देने से इंकार करना दंडनीय अपराध है। आयोग के संज्ञान लेने के बाद अस्पताल प्रशासन ने घटनाक्रम की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।