जिलाधिकारी ने शहर क्षेत्र में बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए भी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने टीएचडीसी के सिस्टम को देखकर ऐसा यहां भी लगाने को प्रस्ताव मांगे हैं। इसके तहत रिस्पना, बिंदाल के किनारे ऐसे पोल लगाए जाएंगे जो बाढ़ का जलस्तर आते ही सायरन बजाने लगें। इससे लोग खुद-ब-खुद सचेत हो जाएंगे।
गांवों में मुहैया कराए जाएं उपकरण
जिले के दूरस्थ इलाकों चकराता, त्यूनी आदि के क्षेत्रों के गांवों को अतिरिक्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए हैं, ताकि समय आने पर ग्रामीण ही वहां पर काम कर सकें। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों के अलावा अन्य जिम्मेदार लोगों के नंबर भी कंट्रोल रूम में रिकॉर्ड किए जाएं, ताकि अगर प्रधान का नंबर नहीं लग पा रहा तो दूसरे व्यक्ति को फोन किया जा सके।
ग्राम प्रधान से बात कर जाना हाल
जिलाधिकारी ने चकराता क्षेत्र के ऐठान भुनाड़ गांव के प्रधान केशर दास को भी कंट्रोल रूम से फोन किया। उन्होंने बर्फबारी में हुई दुर्घटनाओं के संबंध में जानकारी और बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। चूंकि, वहां सभी काम दुरुस्त था तो जिलाधिकारी ने संतुष्टि व्यक्त की।