प्रेमनगर के निकट स्थित ठाकुरपुर ईस्ट होपटाउन में बने सरकारी तालाब में लाखों मछलियां रहस्यमय तरीके से मर गई। इससे फैली बदबू से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
सहसपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत ठाकुरपुर ईस्ट होपटाउन में सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए तालाब में लाखों मछलियों के रहस्यमय परिस्थितियों में मर जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। इतनी अधिक संख्या में मछलियों के मरने से ग्रामीण हतप्रभ हैं।
ग्रामप्रधान की ओर से इतनी अधिक संख्या में मछलियों के मरने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी दे दी गई है। मछलियां कैसे मरी, इसे लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान सविता टंडन ने मामले की जांच की मांग की है।
2018 में बनाया गया था तालाब
सिंचाई विभाग की ओर से ग्राम पंचायत ठाकुरपुर ईस्ट होपटाउन में साल 2018-19 में कई लाख रुपए खर्च करके तालाब बनाया गया था। जानकारी के मुताबिक, सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से नवनिर्मित तालाब को एक व्यक्ति को ठेके पर दे दिया गया, जिसमें उसने मत्स्यपालन किया। लेकिन लगातार हो रहे घाटे की वजह से उक्त व्यक्ति मछलियों को तालाब में यूं ही छोड़कर चला गया।
गंदा पानी हो सकता है वजह
सामाजिक संस्था के सचिव संजय जुयाल का कहना है कि गांव और नालों का गंदा पानी तालाब में जमा होने की वजह से इतनी अधिक संख्या में मछलिया मर गईं। बकौल संजय जुयाल तालाब में जलनिकासी की सुविधा नहीं होने की वजह से ही मछलियां मर गई। संजय जुयाल का कहना है कि मछलियों के मरने से संक्रामक रोग ना फैलने पाए। इसको लेकर जिला प्रशासन समेत स्वस्थ विभाग के अधिकारियों को तत्काल कदम उठाया जाना चाहिए।