खतौली पुलिस ने कार से मिले मोबाइल नंबर से परिजनों से बात की, तब जाकर शव की पहचान हो सकी। पति की हत्या की खबर पर पत्नी अंशु सिंह परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। अंशु ने इस मामले में टिहरी जेल में बंद जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती, देहरादून निवासी यतेन्द्र सिंह (मूल निवासी मेरठ), रोजी और रामबीर (मूल निवासी मुजफ्फरनगर) को नामजद कराया है।
पत्नी का आरोप है कि जेल से जितेंद्र उसके पति से रंगदारी मांग रहा था। आरोप लगाया कि रोजी ने पति पंकज सिंह को शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे फोन करके बुलाया था। खतौली पुलिस ने इस मामले में देहरादून की एसपी सिटी श्वेता चौबे से बात कर पूरे मामले पर चर्चा की है।
एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि पंकज सिंह का अपराध से पुराना जुड़ाव रहा है। प्रापर्टी विवाद में छह मार्च 2010 को पंकज सिंह ने जेल में बंद शातिर अपराधी जितेन्द्र उर्फ जित्ती के साथ मिलकर अपने साथी मुनीर उर्फ बब्बल की हत्या की थी।
पंकज सिंह नेहरू कालोनी थाने का हिस्ट्रीशीटर था, लेकिन कई बरस से वह शांत था। पंकज सिंह प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त के साथ रिंग रोड पर गेस्ट हाउस चला रहा था। उन्होंने कहा कि प्रापर्टी विवाद या गैंगवार में कत्ल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। दून पुलिस हत्या के कारणों की जांच कर रही है।
पंकज सिंह को चार गोलियां मारी गई हैं। तीन गोलियां सीने और एक गर्दन के नीचे मारी गई है। पुलिस मान रही है कि हत्यारे पूरी तैयारी के साथ आए थे। रास्ते में शराब पिलाने के बाद ड्राईवर की बराबर वाली सीट पर बैठे पंकज की हत्या कर दी गई। बदमाशों ने आगे और पीछे दोनों तरफ से उस पर गोलियां चलाईं, ताकि उसे विरोध का मौका ना मिले। कत्ल की घटना के बाद आरोपी कार को पुलिस सहायता केंद्र के बाहर छोड़ गए, ताकि जल्दी से किसी को शक ना हो।