लेकिन इन्हीं गांधी के नाम पर सियासत करने वाली कांग्रेस नागरिकता के मसले पर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर 1947 को कांग्रेस पार्टी ने खुद प्रस्ताव पारित किया था कि पाकिस्तान में जिन व्यक्तियों को प्रताड़ित किया जा रहा है उन्हें भारत की नागरिकता दी जाए। लेकिन आज वही कांग्रेस इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है।
जयराम ने कहा कि यह अधिनियम केवल अफ गानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के शरणार्थियों के लिए है, जिन्होंने अत्याचारों के कारण अपना देश छोड़ा है। उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब की घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार का उदाहरण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के नेतृत्व की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है जिसके फ लस्वरूप आज भारत एक राष्ट्र है जिसका एक संविधान और एक ध्वज है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल, खजान दास, प्रदेश प्रवक्ता व विधायक मुन्ना सिंह चौहान, गणेश जोशी, डॉ. देवेंद्र भसीन, महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट, राजीव उनियाल, बलजीत सिंह सोनी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्बाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा भी उपस्थित थे।
प्रदेश अध्यक्ष व विधायकों ने किया स्वागत
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के देहरादून पहुंचने पर जीटीसी हेलीपैड पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट व भाजपा विधायकों ने स्वागत किया। वसापसी के समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें विदा किया।