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आज एक जरूरी बिल पर देश की जनता को गुमराह किया जा रहा: जयराम ठाकुर 

Sun, 05 Jan 2020 10:26 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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जयराम ठाकुर का स्वागत करते प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि  1947 में पाकिस्तान में 23 प्रतिशत हिंदू अल्पसंख्यक थे। लेकिन आज धार्मिक अत्याचारों के चलते वे घटकर 3.7 प्रतिशत रह गए हैं। केंद्र में जब मोदी सरकार बनी तो तब देश के सामने कई जटिल मसले थे।

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देश उनका समाधान चाहता था। मोदी सरकार ने इन जटिल मसलों के समाधान की शुरुआत की। जिसमें अनुच्छेद 370, तीन तलाक और सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से राम मंदिर के निर्माण का मसला भी हल हुआ। देश के सामने लाखों शरणार्थियों की नागरिकता का मसला था, मोदी सरकार ने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करके उन्हें नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त किया। 

जयराम ठाकुर शनिवार को राजधानी देहरादून में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। देहरादून के राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार समेत शहर के कई विधायक जयराम के साथ मंचासीन थे।
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एक प्रश्न के उत्तर में जयराम ने कहा कि एनआरसी अभी कोई विचार नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एनआरसी पर दिए गए बयान को दोहराया। श्रीलंका व म्यांमार के शरणार्थियों को नागरिकता न दिए जाने के प्रश्न पर जय राम ने कहा कि  उनका मसला पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के शरणार्थियों के मसले से एकदम भिन्न है। वो आजादी के संघर्ष की परिणति है, जबकि ये कानून धर्म के आधार पर शोषित और प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए है।  

उन्होंने भारत व पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के रक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और लियाकत अली के बीच हुए समझौते के बहाने कांग्रेस व विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर 1947 को गांधी ने खुले तौर पर कहा था कि धर्म के आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यक भारत में आते हैं तो उन्हें देश की नागरिकता मिले।

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लेकिन इन्हीं गांधी के नाम पर सियासत करने वाली कांग्रेस नागरिकता के मसले पर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर 1947 को कांग्रेस पार्टी ने खुद प्रस्ताव पारित किया था कि पाकिस्तान में जिन व्यक्तियों को प्रताड़ित किया जा रहा है उन्हें भारत की नागरिकता दी जाए। लेकिन आज वही कांग्रेस इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है।   

जयराम ने कहा कि यह अधिनियम केवल अफ गानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के शरणार्थियों के लिए है, जिन्होंने अत्याचारों के कारण अपना देश छोड़ा है। उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब की घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार का उदाहरण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के नेतृत्व की सराहना की।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है जिसके फ लस्वरूप आज भारत एक राष्ट्र है जिसका एक संविधान और एक ध्वज है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल,  खजान दास, प्रदेश प्रवक्ता व विधायक मुन्ना सिंह चौहान, गणेश जोशी, डॉ. देवेंद्र भसीन, महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट, राजीव उनियाल, बलजीत सिंह सोनी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्बाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा भी उपस्थित थे।

प्रदेश अध्यक्ष व विधायकों ने किया स्वागत
हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के देहरादून पहुंचने पर जीटीसी हेलीपैड पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट व भाजपा विधायकों ने स्वागत किया। वसापसी के समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें विदा किया।
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