दोपहर 12 बजे: करीब आधे घंटे बाद शताब्दी एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंचने वाली है। कुछ लोग स्टेशन और कई पार्किंग में निजी वाहनों के साथ मौजूद हैं। पूछने पर बताया गया कि यहां से वाहनों की दिक्कत के कारण वे अपने परिचितों को लेने आए हैं।
दोपहर 12.33 बजे: शताब्दी एक्सप्रेस हर्रावाला स्टेशन पर पहुंच गई है। यात्री ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतर रहे हैं। कुछ परिचितों के सामान लेकर स्टेशन से बाहर निकले। कुली वहां प्लेटफार्म पर दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे कई यात्रियों को सामान ले जाने में दिक्कत हो रही है।
दोपहर 12.40: कई यात्री अपने परिचितों के साथ उनके वाहनों से निकल गए। कई यात्री बाहर खड़े कुछ ऑटो के लिए मारामारी नजर आ रही है। रोडवेज, सिटी बस के अलावा विक्रम तो वहां थे ही नहीं, ऑटो भी चंद गिनती के ही थे।
दोपहर 1.05 बजे: अब तक कई यात्री हाईवे तक पैदल ही जाकर विभिन्न वाहनों से रवाना हो चुके हैं। 10-15 यात्री अब भी ओला-उबर जैसी कंपनियों के वाहनों के लिए ट्राई कर रहे हैं, लेकिन वहां इन वाहनों की लोकेशन ही नहीं मिलती। कुछ यात्री गूगल से स्थानीय ट्रेवल एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन, उसके लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर जाने के लिए वाहन मिलने में दिक्कत हो रही है। कई देर से इंतजार कर रहे हैं। अब जाकर एक वाहन मिला है। -डॉ. अपर्णा, बल्लीवाला
हमारा पूरा ग्रुप यहां आया है। हमें देहरादून जाना है। वाहन की दिक्कत को देखते हुए पहले टैंपो-ट्रेवलर की बुकिंग की। -सुधीर गुप्ता, नोएडा
मुझे इलाहाबाद ड्यूटी पर जाना है। अगर लिंक हर्रावाला तक भी आती तो यहीं से ट्रेन पकड़ लेते। अब हरिद्वार से ट्रेन पकड़ने जा रहा हूं। -प्रकाश चंद, हर्रावाला
देहरादून में एक बैठक में जाना है। हम आधे घंटे से स्टेशन पर खड़े हैं, लेकिन कोई कार नहीं मिल रही है। मीटिंग में शामिल होने के लिए देर हो गई है। -चेताली, दिल्ली
सहारनपुर/हरिद्वार से हर्रावाला तक पैसेंजर ट्रेन लगा फेरे बढ़ाए जाते तो ठीक रहता। जो ऑटो, कार आदि वाहन यहां आ भी रहे हैं वह ज्यादा किराया ले रहे हैं। -अनिल, हर्रावाला
क्या कहते हैं अधिकारी
सिटी बस, ऑटो और विक्रम संचालकों की यूनियन को हर्रावाला स्टेशन तक वाहनों का संचालन करने के निर्देश दिए थे। अगर वे नहीं जा रहे हैं तो गंभीर बात है। इसे तत्काल दिखाया जाएगा।
-अरविंद पांडेय, एआरटीओ
दो दिन हर्रावाला स्टेशन तक रोडवेज बसों का संचालन किया गया है। वहां मार्ग पर खतरनाक मोड़ हैं, जिससे बसों को भेजने में दिक्कत हो रही है। शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा हरिद्वार के लिए पांच अतिरिक्त बसें और फेरे बढ़ाए गए हैं।
- सीपी कपूर, मंडलीय प्रबंधक, उत्तराखंड रोडवेज
सुबह देहरादून से जाते समय रोडवेज की कुछ बसें तो हर्रावाला स्टेशन गई थी। दोपहर में नहीं जा रही हैं तो यह दिक्कत वाली बात है। इस बारे में परिवहन विभाग और रोडवेज के अधिकारियों से बात की जाएगी।
-गणेश चंद ठाकुर, निदेशक