12वीं पास मेहतो इस तरह चलाता था पूरा धंधा
पूछताछ में आनंद महतो ने बताया कि वह 12वीं पास है। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात मनीष कुमार निवासी बिहार से हुई थी। उसके साथ मिलकर उसने भारतीय युवा खेल परिषद नाम से वेबसाइट बनाई। इसका सेक्टर दो नोएडा में एक अच्छा सा ऑफिस बनाया। वेबसाइट में कुछ संपर्क नंबर भी अपलोड किए गए थे। युवाओं को सरकारी नौकरी और ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर कमीशन एजेंट रखे गए। प्रत्येक युवक-युवती के लिए कमीशन 10 से 40 हजार रुपये दिया जाता था। कमीशन एजेंटों से संपर्क में आए युवकों से भारतीय युवा खेल परिषद में ट्रेनिंग और जॉब के नाम पर 1.5 से दो लाख रुपये यूथ एसोसिएशन के नाम से खोले गए बैंक खाते में जमा कराते थे।
विदेश भेजने के नाम पर भी करते थे ठगी
महतो ने एसटीएफ को बताया कि योगेश, संजय और मनीष मिलकर युवाओं से रेलवे, इनकम टैक्स, शिक्षा विभाग आदि में नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लेते थे। जबकि, कुछ युवाओं को उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर भी रुपये लेकर ठगा था। सभी संबंधित विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र ई-मेल के माध्यम से भेज दिए जाते थे।
श्यामपुर हरिद्वार के एक आश्रम में चलता था ट्रेनिंग सेंटर
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे युवाओं से पैसे लेकर उनसे संपर्क करना बंद कर देते थे। लेकिन, कुछ युवाओं को और अधिक विश्वास दिलाने के लिए उन्हें ट्रेनिंग भी देते थे। यह ट्रेनिंग पीटी शिक्षक के पद के लिए दी जाती थी। इसके लिए उन्होंने हरिद्वार के श्यामपुर में एक आश्रम को किराये पर लिया था। यहां 10 से 15 हजार रुपये में ट्रेनर रखे गए थे। एसटीएफ इस आश्रम की भूमिका के बारे में भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी तक आश्रम की भूमिका सामने नहीं आई है।