वह पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) के ऋण आवेदकों की जानकारी हासिल कर खुद को विभाग का अधिकारी बताता था और ऋण स्वीकृत कराने या आवेदन निरस्त होने से बचाने के नाम पर रिश्वत मांगता था। पहचान छिपाने के लिए वह दूसरे लोगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था और बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहता था। सीबीआई ने डिजिटल निगरानी, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाया।
इसके बाद आरोपी को रविवार को आगरा के गांव छोटा पूथा बिसराना स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के घर से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।