दून जिले के पछवादून क्षेत्र में वर्षाकाल में अवैध खनन कर मजबूर श्रमिकों की जान को दांव पर लगाया जा रहा है। यमुना, आसन, स्वारना, टॉस और शीतला नदी में रोजाना टैक्टर-ट्रॉलियां और श्रमिक उतारे जा रहे हैं। दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए मजबूरी में श्रमिक खतरे के बाद भी नदी तल में उतर रहे हैं।
पछवादून क्षेत्र के विकासनगर, सहसपुर और सेलाकुई में वर्षाकाल में रोक के बाद भी नदियों में खनन किया जा रहा। विकासनगर में यमुना, सहसपुर में आसन, शीतला और टोंस और सेलाकुई में स्वारना नदी में हर रोज ट्रैक्टर-ट्रॉली और श्रमिक उतारे जाते हैं। जब अचानक नदी का जलस्तर बढ़ता है तो ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक और श्रमिक अपनी जान बचाने के लिए किनारों की ओर दौड़ लगाते है। कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉली और श्रमिक नदी के बीच फंस जाते है। एसडीआरएफ और पुलिस की ओर से उन्हें नदी से बाहर निकाला जाता है।