बैठक में तय किया गया कि यदि अदालत से आरोपी दोषमुक्त हो जाता है, तब भी उसे खत कोरू में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने सरकार और कानून से आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग करने का भी निर्णय लिया। ग्राम पंचायत कचटा के प्रधान संतू और ग्राम पंचायत बाढौ के पूर्व प्रधान सीताराम चौहान ने कहा कि ऐसे फैसलों से भविष्य में इस तरह के जघन्य अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। समाज में भी इससे कड़ा संदेश जाएगा।