विक्की इस अवैध शराब को तस्करों को बेचता था। इसकी पूरी सप्लाई शहर की बस्तियों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में थी। हालांकि, आबकारी विभाग यह भी जांचने में जुटा है कि यह ठेकों को तो माल सप्लाई नहीं करता था। इसके अलावा यह जांच भी की जा रही है कि इसके पास होलोग्राम कहां से आए। होलोग्राम असली हैं या नकली अभी इस बारे में जानकारी नहीं मिली है।
एक और पथरिया पीर कांड की थी तैयारी
पिछले साल पथरिया पीर में देशी शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पाया गया था कि यह शराब तो ठेके की है, लेकिन बीच में कहीं मिलावट की गई है। इस मामले में कई बड़े तस्करों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन शराब कहां से भरी जा रही थी इसका आज तक पता नहीं चल सका है। आबकारी विभाग की रविवार को हुई इस कार्रवाई से पता चलता है कि शहर में तस्कर फिर किसी पथरिया पीर कांड को दोहराने की तैयारी कर रहे थे।