प्रेमनगर क्षेत्र में अतिक्रमण पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। 22 नवंबर को कैंट बोर्ड की बैठक में कार्रवाई की तारीख तय की जाएगी। पहले प्रेमनगर और डाकरा में कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कैंट क्षेत्र गढ़ी के अंतर्गत प्रेमनगर और डाकरा में अतिक्रमणों की भरमार है। प्रेमनगर में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हैं। लोगों ने सड़कों व नालियों के स्लैब बनाने के साथ ही अनधिकृत रूप से निर्माण किए हुए हैं।
बोर्ड बैठक में सदस्यों की ओर से कई बार अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाई है। मिलने वाली शिकायतों के बाद अब प्रेमनगर और डाकरा क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए कह दिया गया है।
कैंट क्षेत्र में अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर लिया गया है। अतिक्रमण को चिह्नित किया जा रहा है। 22 नवंबर को बोर्ड बैठक है। जिसमें तारीख तय कर ली जाएगी।
- तनु जैन, सीईओ कैंट गढ़ी
हाईकोर्ट ने देहरादून में किये गए अतिक्रमण मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार, छावनी परिषद, नगर निगम व एमडीडीए को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी आकाश यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून में लोगों ने सरकारी भूमि, सड़क और नालों के ऊपर अतिक्रमण किया हुआ है।
नगर निगम अतिक्रमण को नहीं हटा रहा है और जहां पर अतिक्रमण हटाया गया है वहां पर लोगों ने दोबारा अतिक्रमण कर लिया है। याचिकाकर्ता की ओर से सरकार, नगर निगम और एमडीडीए को कई बार अतिक्रमण हटाने को प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही अतिक्रमण को रोका गया।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार, छावनी परिषद, नगर निगम व एमडीडीए को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।