निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कार्रवाई की सूचना मिलते ही सहसपुर, सभावाला, छोटा रामपुर, बड़ा रामपुर और सुद्धोवाला क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री, एक्सपायरी दवाओं के उपयोग या अन्य अनियमितताओं की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इस दौरान वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी भी मौजूद रहे।