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देहरादून में डिप्टी मेयर होगा या नहीं, पार्टी हाईकमान करेगा तय 

Sat, 24 Nov 2018 11:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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dehradun nagar nigam
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नगर निगम में डिप्टी मेयर होगा या नहीं, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा। हालांकि पहले राज्य निर्वाचन आयोग डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव कराने के लिए सरकार को आदेश देगा। जिसके बाद आरक्षण तय किया जाएगा, तब जाकर चुनाव होंगे। नगर निगम के बीते दो चुनावों में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए निर्देश नहीं दिए गए, जिसके चलते इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं की गई। 

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नगर निगम चुनाव होने के बाद इन दिनों डिप्टी मेयर की नियुक्ति को लेकर चर्चा है। तमाम पार्षद इसके लिए दावेदारी भी पेश कर रहे हैं। नगर निगम एक्ट में डिप्टी मेयर पद का प्रावधान किया गया है, जो विकास समिति में विकास योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी देकर बोर्ड में रखता है।

निगम में कांग्रेस के कार्यकाल में उमेश शर्मा काऊ और अजीत रावत डिप्टी मेयर रहे थे। दोनों के कार्यकाल में काफी गुटबाजी रही, जिसका असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ा। वहीं, पूर्व मेयर विनोद चमोली के दो कार्यकाल में कोई भी डिप्टी मेयर की नियुक्ति नहीं की गई। हाल में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा के 100 में 60 पार्षद जीतकर आए हैं। निगम का दायरा बड़ा होने और प्रचंड बहुमत से जीत के चलते बीते कई चुनाव जीतने वाले पार्षदों ने डिप्टी मेयर के लिए दावेदारी ठोकनी शुरू कर दी है। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद सरकार आरक्षण तय कर डिप्टी मेयर के लिए चुनाव कराएगी। 
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मेरे 10 साल के कार्यकाल के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सरकार को कोई निर्देश नहीं दिए गए, यही कारण है कि डिप्टी मेयर की नियुक्ति नहीं की गई।
- विनोद चमोली, धर्मपुर विधायक व पूर्व मेयर 

भाजपा अनुशासित पार्टी है। नगर निगम एक्ट में अगर डिप्टी मेयर का प्रावधान है तो इसे लेकर हाईकमान से चर्चा की जाएगी, जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर 

निगम एक्ट में नहीं है नेता प्रतिपक्ष का प्रावधान 
कांग्रेस के पार्षदों में भले ही नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए होड़ लगी हो, लेकिन नगर निगम एक्ट में नेता प्रतिपक्ष का कोई संवैधानिक पद नहीं है। 

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