यह था विवाद
बताया जाता है कि दोनों सड़कों के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण के लिए मुआवजा स्वीकृत हो गया था लेकिन इसमें जमीन का निर्धारण नहीं हो पा रहा था कि यह जमीन किसकी है जिससे विभाग असमंजस में था। कुछ लोग मुआवजा मांग रहे थे तो कुछ ऐसी जमीन भी थी जो कैंट बोर्ड से जुड़ी थी।
इस तरह हुआ विवाद का पटाक्षेप
मुआवजा किसे देना है और कितना देना है। इस पर सहमति नहीं बन पा रही थी। बाद में पीडब्लूडी ने इन दोनों सड़कों के एलाइनमेंट में बदलाव कर दिया। इसके तहत वहां लोगों से बातचीत की गई। सहमति के बाद कच्ची रोड तैयार कर उसको शुरू कर दिया गया। पहली सड़क की लंबाई 300 और चौड़ाई 12 मीटर है। वहीं, दूसरी सड़क की लंबाई 1700 मीटर है। एलाइनमेंट बदलने के कारण विभाग को भूमि अधिग्रहित नहीं करनी पड़ी और इसके बनने का रास्ता साफ हो गया। इससे सरकार से स्वीकृत किए गए 82 लाख और 5.78 करोड़ रुपये भी वितरित नहीं करने पड़े।
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14 करोड़ की लागत से बनेगी यह करीब दो किमी की सड़क
दो चरणों में इस सड़क पर काम होना है। पहला चरण है डकोता से मोथरोवाला और उसके बाद डकोता पुल से चानचक तक। एक सड़क की लंबाई 350 मीटर तो दूसरी की लंबाई 1700 मीटर है। पीडब्लूडी 1700 मीटर पक्की सड़क के लिए पूर्व में 10.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेज चुकी है, जबकि 350 मीटर की सड़क के लिए 3.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकार किया जा चुका है। यह मार्ग दो लेन का बनेगा और बीच में डिवाइडर भी होगा।