चार बार आरटीजीएस, एक बार नकद जमा
शिकायत में बताया गया है कि दंपती ने अलग-अलग बैंक खातों से चार बार आरटीजीएस के जरिये और एक बार बैंक शाखा में नकद जमा कर कुल 45.85 लाख रुपये दिए। इसमें 15 लाख रुपये सनातन ट्रेडर्स, 11.35 लाख रुपये प्रागज्योतिष एंटरप्राइजेज, 11.50 लाख रुपये इंटीमेटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, पांच लाख रुपये शांबा मुराम और तीन लाख रुपये आदित्य संदीप महाराज के नाम से जुड़े खातों में जमा किए गए। बाद में आरोपियों ने जमीन बेचकर और रकम देने का दबाव भी बनाया।
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बेटी ने देखा तो काटी कॉल
तीन अक्तूबर को दंपती की बेटी अचानक घर पहुंची। उसने माता-पिता को लंबे समय से वीडियो कॉल पर बात करते देखा तो पूछताछ की। इस पर दंपती घबरा गए और कॉल काट दी। इसके बाद से आरोपियों का फोन नहीं आया। शिकायत में पीड़ितों ने संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने, लेनदेन की जांच करने और आरोपियों की पहचान कर रकम वापस दिलाने की मांग की है।