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Dehradun: एसएससी परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार, एसटीएफ ने सहारनपुर से पकड़ा

Tue, 05 May 2026 10:15 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

13 फरवरी 2026 को एसएससी की ओर से आयोजित मल्टीटास्किंगस्टाफ और हवलदार की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान महादेवी कन्या पाठशाला परीक्षा केंद्र पर नकल कराने की सूचना मिली थी। तभी से टीम मामले की तहकीकात में लगी थी।
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परीक्षा में नकल कराने के गिरोह का सरगना गिरफ्तार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तराखंड एसटीएफ ने एसएससी परीक्षा में नकल कराने वाले संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर देहरादून स्थित महादेवी कन्या पाठशाला (एमकेपी) परीक्षा केंद्र पर नकल कराने का आरोप है। एसटीएफ ने सहारनपुर के रहने वाले आरोपी शुभम भटनागर को चार मई को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। वह लंबे समय से फरार चल रहा था।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि 13 फरवरी 2026 को एसएससी की ओर से आयोजित मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ और हवलदार की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान महादेवी कन्या पाठशाला परीक्षा केंद्र पर नकल कराने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के पास संचालित महादेव डिजिटल लैब के जरिये रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को नकल कराई जा रही थी।

एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र के पास बने यूपीएस रूम में एक अंडरग्राउंड चेंबर का खुलासा किया था। जहां से तकनीकी उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तर भेजे जा रहे थे। मौके से दो आरोपियों नितिश कुमार और भास्कर नैथानी को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि गिरोह का मुख्य सरगना शुभम भटनागर फरार हो गया था।
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अजय सिंह ने बताया कि आरोपी अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। यह रकम चयनित पद के ग्रेड पे के आधार पर तय की जाती थी। गिरोह सुनियोजित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर अवैध लाभ कमा रहा था। इस मामले में शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना एसटीएफ के पास थी। लगातार तकनीकी जांच और इनपुट के आधार पर एसटीएफ टीम ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस मामले में और जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

गिरोह ने सेप्टिक टैंक के अंदर छिपाए थे राज

दएमकेपी इंटर कॉलेज में बने महादेव डिजिटल जोन में परीक्षा लैब के पास यूपीएस रूम के कोने में एक चैंबर बनाया गया था। यह ऊपर से देखने में सेप्टिक टैंक ही लग रहा था लेकिन इसके अंदर कई राज छिपे थे। फरवरी में एसटीएफ ने जब दबिश के दौरान जांच की तो हकीकत सामने आई। चैंबर के अंदर से ही परीक्षा के प्रश्नों को हल करने में मदद की जा रही थी। तब एसटीएफ के आईजी नीलेश आनंद भरणे ने दावा किया था कि ऐसा मामला देश में पहले कहीं भी सामने नहीं आया था। जब एसटीएफ परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई करने गई तो एक अंडर ग्राउंड चैंबर दिखा जिसे खोला तो लैपटॉप रखे मिले। इस चैंबर को ऊपर से ढक्कन से बंद किया गया था। गिरोह के सरगना सैटअप के माध्यम से ही रिमोट से एक्सेस करता था। इसकी लीज लाइन सीमेंट का प्लास्टर कर छिपाई गई थी। एसटीएफ ने प्लास्टर उखाड़कर फर्जी सर्वर रूम भी बरामद किया था।
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