सख्ती से पूछताछ के बाद उगला सारा सच
यहां ऊषा को देखकर और डॉक्टरों से बातचीत पर पुलिस को प्रथमदृष्टया ही मामले पर शक होने लगा। पुलिस ने राम सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो पहले वह वही रटी रटाई बात बोलने लगा कि ऊषा सीढ़ियों से गिर गई। इसके बाद पुलिस उसे उसके घर पर ले आई। यहां बेड पर खून पड़ा हुआ था। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। बताया कि ऊषा अपने बेटे को संपत्ति का हिस्सा दिलाना चाहती थी। मगर, वह नियमानुसार अपने पोते को संपत्ति देना चाहता था। बस इसी बात को लेकर अक्सर दोनों में विवाद रहता था। विवाद के चलते ही उसने सोमवार रात को यह घटना कर दी।
दोनों बेटों की हो चुकी है मौत
राम सिंह के दो बेटे थे। इन दोनों की ही लगभग सात साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वर्तमान में जिस मकान में राम सिंह रहता था, उसमें दो कमरे और एक ड्राइंग रूम है। बलबीर रोड पर इस मकान की कीमत ही लाखों रुपये में है। इसके अलावा उसका एक प्लॉट भी है।
मकान बेचकर आए पैसे भी ऊषा ने कर दिए थे खत्म
राम सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसका एक मकान और भी था। यह उसने पिछले साल 14 लाख रुपये में बेचा था। जिस खाते में यह रुपया आया उसका एटीएम कार्ड ऊषा के पास भी था। आरोप है कि यह रुपया ऊषा ने कुछ ही दिनों में खत्म कर दिया। इसके बारे में जब राम सिंह पूछता था तो उसे तमाम तरह की बातें बताकर टाल दिया करती थी। ऊषा की उम्र करीब 53 वर्ष थी। जबकि, राम सिंह करीब 20 साल बड़ा है। इस बात को लेकर भी दोनों में अक्सर विवाद रहता था। यह बात भी राम सिंह ने पुलिस को पूछताछ में बताई है।