इस मुकदमे का पर्यवेक्षण एसटीएफ कर रही है। इसी क्रम में पता चला कि राजकिशोर राय का एक और साथी सहेंद्र पाल इस गिरोह का सरगना है। रविवार को सहेंद्र पाल निवासी खतौली को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह राजकिशोर राय को बीते आठ साल से जानता है। राजकिशोर ने ही उसे फर्जी मार्कशीट बनाने की योजना बताई थी। इसके लिए उन्होंने फर्जी ट्रस्ट खोला। इसमें वह खुद सदस्य था और राजकिशोर के साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट छापता था।
फर्जी मार्कशीट से कई लोग कर रहे सरकारी नौकरी
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला था कि उसने ये मार्कशीट देहरादून और स्थानीय लोगों नहीं बांटी है। इन्हें बिहार और आसपास के राज्यों के निवासियों को बेचा जाता था। बताया जा रहा है फर्जी मार्कशीट से बिहार में कई लोग सरकारी नौकरियां भी कर रहे हैं। एसटीएफ और पुलिस इस तथ्य की भी जांच कर रही है।