ऐसे बनाई योजना
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक ने उन्हें सारी बातें बताई थीं। बताया था कि अमित ने उससे छह लाख रुपये लेकर ट्रेडिंग में लगाए हैं। उसने पिछले दिनों एक सेमीनार सहारनपुर में किया था। उसमें कई मोबाइल और अन्य सामान लोगों को बतौर उपहार दिए थे। अभिषेक ने बताया था कि अमित के ट्रेडिंग वॉलेट (खाता) में 95 लाख रुपये हैं। ऐसे में यदि योजना बनाई जाए तो यह रकम उन्हें मिल सकती है।
चारों ने मिलकर योजना बनाई कि वह सीबीआई अधिकारी बनकर अमित को डराने के लिए देहरादून जाएंगे। योजना के अनुसार आशीष, सोनू और सुमित गत 28 अगस्त को देहरादून पहुंच गए। यहां मोथरोवाला में उन्हें अभिषेक मिला। अभिषेक ने उन्हें अमित के घर और एकेडमी की जानकारी दे दी। रात करीब 10.30 बजे आशीष, सोनू और सुमित अमित के दोस्त के फ्लैट पर पहुंच गए।
यहां पर अमित का दोस्त मुकुल और युवती नशे की हालत में थे। इस पर उन्होंने अगले दिन योजना को अंजाम देने की सोची। अगले दिन सुबह करीब सवा छह बजे तीनों फ्लैट में चले गए। जबकि, अभिषेक गाड़ी में ही बैठा रहा। तीनों ने खुद को सीबीआई से बताया और उनकी वीडियो बनाने लगे। उन्होंने फ्लैट में रखे सवा तीन लाख रुपये, छह मोबाइल और दो लैपटॉप व अन्य सामान वहां से उठा लिए। इसके बाद अमित और मुकुल को उसी की गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। अभिषेक दूसरी गाड़ी से उनके पीछे चल रहा था। रास्ते में वह वॉकी टॉकी पर बात कर रहे थे। इस दौरान सभी के मोबाइल बंद थे। इस बीच अमित ने कहा कि उसके मोबाइल की बैटरी खत्म हो रही है। इस पर उन्होंने डाटा केबल लेने के लिए गाड़ी रोकी। मौका पाते ही अमित गाड़ी से कूद गया। इसके बाद वह सब आगे बढ़े और मुकुल को अमित की गाड़ी के साथ डाट काली मंदिर के पास छोड़ दिया।
नकली पिस्तौल थी आरोपियों के पास
आरोपी अमित को डराने के लिए दो नकली पिस्तौल लेकर आए थे। इन पिस्तौल को उन्होंने सहारनपुर से खरीदा था। आरोपियों ने पिस्तौल और वॉकी टॉकी को भी जंगल में फेंक दिया था। इन्हें पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है।