घटना को छिपाने के लिए रची झूठी कहानी
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी ने मामला छिपाने की कोशिश की और घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ झूठी कहानी गढ़ने का दबाव बनाया। पुलिस को बरगलाने के लिए हंसराज सैनी निवासी भोगपुर, थाना पथरी, हरिद्वार ने तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि 19 जून की रात करीब 2:30 बजे ओम सिटी स्थित किराये के फ्लैट में हंसराज अपने साथियों गोपाल शर्मा उर्फ भिंडी और शुभम अग्रवाल के साथ मौजूद था। इस दौरान हंसराज पूर्व से रखी गई एक पिस्टल को दिखा रहा था। गोपाल शर्मा ने उसे हाथ में लेकर जांचा और अचानक पिस्टल से गोली चल गई जो हंसराज की नाक के पास लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस जांच में ये कहानी झूठी निकली।
कहां से लाया पिस्टल हो रही जांच
प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाला हंसराज आखिरकार 65 हजार रुपये में अवैध पिस्टल कहां से खरीदकर लाया पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। हंसराज अभी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। उसे छुट्टी मिलने के बाद पुलिस उससे अवैध हथियार के सौदे का राज उगलवाएगी। बता दें कि शिमला बाईपास के बुड्ढ़ी गांव में हुए हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी अवैध थी और हत्यारोपी ने उस पिस्टल को आईएसबीटी क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदने की बात स्वीकारी थी। इसके बाद एक और अवैध पिस्टल के सौदे का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
मसूरी में नकली पिस्टल लहराने पर वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन से नकली पिस्टल (गैस लाइटर) लहराने के मामले में वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने नकली पिस्टल को कब्जे में लेते हुए उसका चालान किया। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। एसएसआई सतेंद्र भाटी ने बताया कि टिहरी बाईपास-मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर सूचना के आधार एक वाहन को रोककर जांच की गई। वाहन चालक विक्की गर्ग निवासी गाजियाबाद ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ उत्तराखंड घूमने आया है। जांच में पता चला कि वाहन में सवार एक रिश्तेदार ने नकली पिस्टलनुमा गैस लाइटर को वाहन के बाहर लहराया था। इसका किसी राहगीर ने वीडियो बना लिया था। वाहन से उक्त गैस लाइटर बरामद हुआ। इसके बाद वाहन चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।