हत्यारों को पकड़ने के लिए एसओजी और पुलिस की चार टीमें बनाई
मौके पर विनीता का बेटा संस्कार पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगर प्रिंट्स और रक्त के नमूने इकट्ठा किए। देखा कि एक कमरे का सामान बिखरा था। अलमारी और उसका लॉकर खुला था। शुरुआती पड़ताल में माना जा रहा है कि बदमाशों ने पहले कमलेश की हत्या की और फिर लूटपाट। क्या सामान लूटा गया, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि हत्यारों को पकड़ने के लिए एसओजी और पुलिस की चार टीमें बनाई गई हैं। बेटी विनीता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
30 साल पहले बेटे की भी हो चुकी मौत
कमलेश धवन की तीन बेटियों के अलावा एक बेटा भी था। वह पिता के साथ ट्रांसपोर्ट का ही काम करता था। 30 साल पहले सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। उसकी एक बेटी भी है। वह अक्सर अपनी दादी के पास आती रहती थी। दीपावली के आसपास भी वह काफी दिनों तक कमलेश के साथ रही थी। कुछ दिन पहले शादी के बाद पति के साथ एमेरिका चली गई।
रात साढ़े नौ बजे हुई थी पोती से बात
बताया जा रहा है कि हर रोज दादी और पोती की फोन पर बातचीत होती थी। कमलेश और उनकी पोती के बीच आखिरी बात शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई थी। इसकी कॉल डिटेल उनके मोबाइल में मिली है। मौके से पुलिस ने दो मोबाइल कब्जे में लिए हैं। इनमें एक स्मार्टफोन और दूसरा फीचर फोन है।
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एक बेटी से बोलचाल बंद
तीन बेटियों में से दो अक्सर अपनी मां से बात करती रहती थीं। वसंत विहार में रहने वाली उनकी बेटी घर भी आती थी। जबकि, चंडीगढ़ वाली बेटी रोज फोन पर बात करती थी। लेकिन, आईएमए ब्लड बैंक के पास रहने वाली बेटी से उनकी बोलचाल बंद थी। हालांकि, दोनों के बीच क्या विवाद था, यह जानकारी पुलिस को भी नहीं लग पाई है।