प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए दर्ज की जा रही झूठी आपत्तियों पर निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाने से पहले अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
प्रदेश महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी की अगुवाई में शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंप कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति के माध्यम से कई आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं। इनका उद्देश्य वैध मतदाताओं के नाम हटाना है। किच्छा विधानसभा के लगभग 50 मतदान केंद्रों पर 10 फीसदी से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की आपत्तियां दर्ज हुईं। केवल चार व्यक्तियों ने 100 से अधिक आपत्तियां दाखिल कीं। राजेश तिवारी के नाम से लगभग 6,410 आपत्तियां दाखिल होने की जानकारी मिली है।
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पिरान कलियर में विधायक फुरकान अहमद के विरुद्ध भी आपत्ति दर्ज हुई। गदरपुर में दिवंगत महिला और न्यायिक हिरासत में बंद व्यक्तियों के नाम से आपत्तियों की जांच की मांग की गई। कांग्रेस ने प्रपत्र-7 और डीएसई व पीएसई मामलों में अंतिम नाम हटाने की कार्रवाई जांच पूरी होने तक रोकने की मांग की। प्रपत्र-7 के आवेदन, हस्ताक्षर, डिजिटल निशान, सीसीटीवी और सत्यापन रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, सुजाता पॉल, प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी मौजूद रहे।