विक्रम संचालकों के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के तहत राजधानी के सिटी बस संचालक गुरुवार को आरटीओ में अपनी गाड़ियां सरेंडर करेंगे। गाड़ियों को सरेंडर करने के बाद संचालकों ने आरटीओ और जिला प्रशासन से जगह भी मांगी है।
दो दिन पूर्व देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल की अगुवाई में पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल आरटीओ से मिला था और शिकायत दर्ज कराई थी कि राजधानी में परमिट की शर्तों के विपरीत विक्रम का संचालन किया जा रहा है। यदि विक्रम संचालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वे अपनी गाड़ियों को सरेंडर कर देंगे।
डंडरियाल का कहना है कि कोरोना संकट के चलते वैसे ही सवारियां नहीं मिल रही हैं। रही सही कसर विक्रम चालक पूरी कर रहे हैं। ऐसे में सिटी बसों को संचालित करने का कोई लाभ नहीं हो रहा है।
कहा कि सिटी बस संचालकों के पास गाड़ियों को खड़ी करने की जगह नहीं, लिहाजा गाड़ियों को सरेंडर करने के लिए उन्हें जगह भी चाहिए। दूसरी ओर आरटीओ डीसी पठोई का कहना है कि सिटी बस सेवा महासंघ पदाधिकारियों के शिकायत पर विक्रम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जहां तक गाड़ियों के सरेंडर की बात है तो सिटी बस संचालक गाड़ियों को कभी भी सरेंडर कर सकते हैं, यह उनका अपना अधिकार है।