इसके साथ ही शिक्षण संस्थान के पूर्व प्रिंसिपल नरेश चंद द्विवेदी के खिलाफ भी धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इस मामले में स्पेशल मजिस्ट्रेट सीबीआई की कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। इसमें अब सीआरपीसी 313 (अभियुक्त की परीक्षा) के बयान होने थे।
इसके लिए आचार्य बालकृष्ण और नरेश चंद द्विवेदी को बुलाया गया था मगर पिछली तारीख पर दोनों उपस्थित नहीं हुए थे। शुक्रवार को आचार्य बालकृष्ण तो उपस्थित हो गए, लेकिन पूर्व प्रिंसिपल नरेश चंद द्विवेदी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया कि उनका स्वास्थ्य खराब है। लिहाजा उनके बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज किए जाएं। अदालत ने इस पर अपनी स्वीकृति दे दी है।