यह शुल्क प्रतिशत न्यूनतम 5000 से अधिकतम 80,000 रुपये तक वसूला जाना हैं। इस भारी-भरकम शुल्क से व्यापारियों में आक्रोश है। इस संबंध में मेयर से मुलाकात भी की, लेकिन अभी तक व्यापारियों को कोई आश्वासन नहीं मिला।
लिहाजा शनिवार को दून उद्योग व्यापार मंडल ने बैठक आयोजित की और आज नगर निगम में प्रदर्शन किया।
मंदी, मॉल, ऑनलाइन व्यवसाय के कारण पहले ही व्यापारी पस्त हैं और अब नगर निगम द्वारा उन पर भारी शुल्क थोपने की तैयारी की जा रही है। इससे व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ बढ़ेगा। नगर निगम इस प्रस्ताव को तत्काल वापस ले।
- विपिन नागलिया, अध्यक्ष दून व्यापार मंडल