फर्जी अधिकारी बनकर रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद ऋषि गुप्ता की तलाश की जा रही थी। इसी बीच ऋषि गुप्ता को तीन दिन पहले सीबीआई ने आगरा स्थित उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी अधिकारी बनकर रिश्वत मांगने के आरोपी ऋषि गुप्ता की सीबीआई ने सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। इस संबंध में सीबीआई की ओर से स्पेशल कोर्ट सीबीआई में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। सीबीआई ऋषि गुप्ता से उसके नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है। बताया जा रहा है कि गुप्ता ने देश के कई हिस्सों में इस तरह की ठगी की है।
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गौरतलब है कि ऊधमसिंह नगर निवासी एक पॉल्ट्री फार्म संचालक ने सीबीआई को शिकायत की थी। बताया था कि उन्होंने कारोबार के लिए पशुपालन विभाग की योजना के तहत 22 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। इस लोन को पास कराने के लिए उनसे ऋषि गुप्ता ने संपर्क किया। उसने खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताया और 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके लिए पीड़ित को एक क्यूआर कोड भी भेजा गया। पीड़ित ने इस क्यूआर कोड पर पांच हजार रुपये जमा करने के बाद सीबीआई को शिकायत की थी।
सीबीआई ने प्राथमिक जांच के बाद खाता संचालक जिसके खाते में रकम गई थी को 30 जून को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से ऋषि गुप्ता की तलाश की जा रही थी। इसी बीच ऋषि गुप्ता को तीन दिन पहले सीबीआई ने आगरा स्थित उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कई और लोगों को भी इसी तरह से अधिकारी बनकर ठगा है। इन सब बातों का पता लगाने के लिए सीबीआई उससे पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए सीबीआई ने उसकी सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है।