इसके साथ ही तत्कालीन शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने सीबीएसई चेयरमैन को स्कूल की मान्यता रद्द करने का पत्र भेज दिया था। चूंकि सीबीएसई में मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी।
इसलिए 25 सितंबर 2018 को सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता खत्म कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में राज्य सरकार ने दोबारा बोर्डिंग स्कूल को मान्यता के लिए एनओसी जारी कर दी है। अब स्कूल प्रबंधन की ओर से सीबीएसई से मान्यता लेने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
सीबीएसई की ओर से दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आते ही मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। करीब दस दिन के भीतर नियमानुसार मान्यता खत्म कर दी गई थी। अभी स्कूल की मान्यता की फाइल बोर्ड के पास नहीं आई है। अगर आई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-रणबीर सिंह, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसई