होली के बाद रंजीत के अकेले काम पर जाने से पुलिस को हुआ शक
घटना के बाद पुलिस ने महिला के कपड़े और हुलिये से यह अंदाजा लगा लिया था कि वह किसी मलिन बस्ती की रहने वाली है। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र की सभी मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई। साथ ही 30 से अधिक मलिन बस्तियों में रहने वाले करीब पांच हजार लोगों का सत्यापन किया। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की आठ टीमें काम कर रहीं थीं। कई दिनों की तहकीकात के बाद पुलिस को एक व्यक्ति के संदेहास्पद होने की सूचना मिली।
पता चला कि रंजीत नाम का युवक अपनी पत्नी के साथ साइट पर काम करने के लिए आता था। साथ में उसकी एक बच्ची भी रहती थी लेकिन होली के बाद से उसकी पत्नी नहीं आ रही है। पुलिस ने ठेकेदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि रंजीत आठ मार्च को उनकी बाइक लेकर गया था। उसने पत्नी को गांव छोड़ने की बात कही थी। इस पर पुलिस का शक और गहरा गया। ठेकेदार को लेकर जब पुलिस रंजीत के पास भाटोवाला पहुंची तो वह वहां से भागने लगा। पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछा तो उसने हत्या की बात कबूल ली।