हंगामा बढ़ा तो आसपास रहने वाले मुस्लिम परिवारों में भी असुरक्षा का भाव पैदा हो गया। रात के अंधेरे में आरोपियों, पूर्व प्रधान और आसपास रहने वाले कुछ परिवार अपने मकान छोड़कर चले गए। रविवार को भी दिन भर के घटनाक्रम से आरोपियों के मकान के पास रहने वाले मुस्लिम परिवार भयभीत थे। रात को उन्होंने भी घर छोड़ दिया। ऐसे परिवारों की संख्या करीब छह से सात बताई जा रही है।
हालांकि आरोपियों के मकान और दुकानों को तोड़ने के बाद तनाव कुछ काम हुआ है लेकिन प्रशासन और पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी अब तक परिजन मृतक का पंचनामा भरने और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए हैं। सोमवार को पुलिस कार्यवाही पूरी करने का प्रयास करेगी। इस मामले में अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं।