ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोपी जगतीत उर्फ जग्गा की स्पेशल गैंगस्टर एक्ट जज महेश चंद कौशिबा की अदालत ने शुक्रवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। जग्गा की यह तीसरी जमानत याचिका थी जो नामंजूर हुई है। जग्गा खुद को किंग ऑफ उत्तराखंड बताकर लोगों को डराता और वसूली करता था। उसकी गैंग के एक सदस्य प्रणव की भी कोर्ट ने चौथी बार जमानत खारिज की है।
ऋषिकेश निवासी जग्गा स्थानीय लोगों के लिए भय का पर्याय बन गया था। उस पर जमीनों पर अवैध कब्जा करने और फिर लोगों को डराकर वसूली करने के आरोप थे। उसने खुद को किंग ऑफ उत्तराखंड बताते हुए सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार किया। जग्गा का नाम एक बार खालिस्तान को सपोर्ट करने के मामले में भी सामने आ चुका है। उसके पास से खालिस्तान का एक नक्शा भी बरामद हुआ था जिसमें उसने उत्तराखंड को भी उसका हिस्सा दर्शाया था। एक स्थानीय राजनेता की शिकायत पर गत 23 अगस्त को ऋषिकेश पुलिस ने जग्गा और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उसका गैंग चार्ज तैयार कर जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद गैंगस्टर एक्ट में भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
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आरोपी जग्गा तब से जेल में बंद है। उसने पहली बार एक सितंबर और दूसरी बार तीन सितंबर को जमानत याचिका स्पेशल गैंगस्टर एक्ट कोर्ट में लगाई थी। इसके बाद अब फिर से जमानत याचिका शुक्रवार को लगाई गई। उसने खुद को झूठा फंसाने की बात अदालत के सामने रखी जिसका अभियोजन की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि जग्गा लगातार अपराध करता आ रहा है। उसे अगर जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित करेगा और फिर से कोई नया अपराध करेगा। जग्गा के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। अभियोजन के तर्कों के आधार पर स्पेशल कोर्ट ने जग्गा की जमानत खारिज कर दी।