फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: 1982 में टेंट में चलता था देहरादून एयरपोर्ट का मौसम विभाग...आज 150 साल का हुआ

Mon, 15 Jan 2024 02:03 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, जौलीग्रांट (देहरादून)

सार

1982 में देहरादून एयरपोर्ट का मौसम विभाग टेंट में चलता था। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के साथ मौसम विज्ञान विभाग भी डिजिटल हुआ। और आज मौसम विज्ञान विभाग 150 साल का हो गया है। 
विज्ञापन
jolly grant airport (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत मौसम विज्ञान विभाग 15 जनवरी यानी आज 150 साल का हो गया है। इसकी स्थापना 1875 में की गई थी। 150 साल पूरे होने पर इसके स्थापना दिवस को देश के सभी मौसम केंद्रों पर वर्ष भर एक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। देहरादून एयरपोर्ट पर भी इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

देहरादून एयरपोर्ट के मौसम विभाग के इतिहास से कई रोचक किस्से जुड़े हुए हैं। 1970 के आसपास देश के तत्कालीन प्रमुख उद्योगपति बिड़ला की ओर से जौलीग्रांट में जंगल काटकर एक छोटी सी हवाई पट्टी को बनाया गया था।

विज्ञापन


1982 में जौलीग्रांट हवाई पट्टी पर मौसम विभाग की स्थापना की गई। तब मौसम विभाग कार्यालय एक टेंट में संचालित किया जाता था। मौसम से संबंधित सारा कार्य मैनुअल ही किया जाता था। दस सालों तक यह मौसम विभाग टेंट में संचालित किया गया। उसके बाद एक जर्जर वाहन के अंदर और फिर फाइबर के केबिन में मौसम विभाग को संचालित किया गया।

विज्ञापन

स्थापना दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप
2007 में जौलीग्रांट हवाई पट्टी का विस्तार कर इसे बड़ा एयरपोर्ट बनाया गया। जिसके बाद से वर्तमान तक मौसम विभाग एटीसी बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा है, जो आज पूरी तरह से डिजिटल और कंप्यूटरीकृत है। एयरपोर्ट का मौसम विभाग हर आधे घंटे में सभी विमानों के लिए मौसम बुलेटिन जारी करता है। जिससे सभी तरह के विमान एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरते हैं। देहरादून एयरपोर्ट के मौसम विभाग अपना 150वां स्थापना दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप दे चुका है।

ये भी पढ़ें...Ram Mandir:  फलस्वाड़ी में दामाद के रूप में पूजे जाते हैं भगवान श्रीराम, माता सीता को लेकर जुड़ी है ये मान्यता

देहरादून एयरपोर्ट पर मौसम विभाग की स्थापना 1982 के आसपास हुई थी। तब यह केंद्र एक टेंट में चलता था। आज एयरपोर्ट का मौसम विभाग अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत हो चुका है। - भगीरथ ढौंडियाल, विशेषज्ञ एयरपोर्ट मौसम विभाग
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें