इंस्पेक्टर पटेलनगर ने बताया कि बच्चे के दादा ने पुलिस से उसके दोस्तों की शिकायत की है। सभी दोस्त नाबालिग हैं। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने सारी कहानी बता दी। बताया कि बच्चा ही उन्हें पैसे लाकर देता था। पूरा मामला तीन से चार लाख रुपये के आसपास का बताया जा रहा है।
उम्र 12 साल, दोस्त 16 साल के
बच्चे की उम्र 12 साल है। जबकि, उसके दोस्त 16 साल के लगभग हैं। चूंकि, मोबाइल बच्चे को दुकानदार देता नहीं तो वह अपने दोस्तों से ही पैसे देकर मंगवाता था। पुलिस के अनुसार, घर से मिले चार मोबाइलों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक है। दोस्तों ने पुलिस को बताया कि वह कहता था कि उसके पास पैसों की कमी नहीं है।
किसी दुकानदार ने नहीं दिए सिम
बच्चे के दोस्त उससे मोबाइल की कीमत से अधिक पैसे लेते थे। इससे उनके शौक भी पूरे हो जाते थे। बताया जा रहा है कि एक दोस्त को उसने स्कूटर खरीदने के लिए भी पैसे दिए थे। उसने उनसे मोबाइलों के लिए सिम लाने को भी कहा, लेकिन नाबालिग होने के कारण किसी दुकानदार ने उन्हें सिम नहीं बेचा।