कोरुवा गांव में हर साल की तरह इस बार भी हिरण नृत्य के साथ जौनसारी बूढ़ी दिवाली का समापन हुआ। काठ के हिरण का नृत्य देखने के लिए जौनसार बावर के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग कोरुवा गांव पहुंचे। बंदी बनाए गए राजा के मुक्त होने पर जमकर नृत्य हुआ।हर वर्ष की तरह इस बार भी कालसी ब्लॉक के कोरुवा गांव में जौनसारी बूढ़ी दिवाली की धूम मची रही। लोगों ने खास व्यंजनों के साथ धान को कूटकर बनाई गए चिवड़े, अखरोट और भंगजीरे को मिलाकर तैयार की गई मूडी का स्वाद चखा। बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे महिला और पुरुष पंचायती आंगन में पहुंचे। सभी ने महासू देवता की वंदना की। उसके बाद हारुल, तांदी, जैंता, रासो जैसे कई प्रकार के जौनसारी नृत्य का दौर शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे हरिण नृत्य शुरू हुआ। इसमें हरिण राजा के रूप में स्याणा महावीर सिंह तोमर ने हिरण पर बैठकर नृत्य किया। किवदंती पर आधारिक नृत्य के दौरान राजा जंगल के बीच से जा रहे थे। इस दौरान सिपाही और नृत्यांगना भी उनके साथ चल रहे थे। जंगल में घेपड़ू राजा हरिणा राजा को रोककर बंदी बना लेता है।इस मौके पर सदर स्याणा बुध सिंह तोमर, दर्शन सिंह तोमर, गीता राम तोमर, नीशा तोम, मधुबाला पंवार, वीरेंद्र सिंह तोमर, राजेश तोमर, संतन सिंह तोमर, पंचम सिंह, इंद्र सिंह तोमर, विक्रम सिंह तोमर, गंभीर सिंह तोमर, दयापाल खन्ना, मातबर सिंह तोमर, आशीष तोमर आदि उपस्थित रहे।