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दूनवासियों को नहीं लुभा पाई दीपिका की ‘छपाक’, 25 से 45 फीसदी रही औसत बुकिंग 

Fri, 10 Jan 2020 11:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • फिल्म में एसिड अटैक पीड़िता के संघर्ष ने सिस्टम और समाज को दिखाया आईना
  • इंगेजिंग यंग इंडिया ने दिखाई मुफ्त में फिल्म
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देहरादून में छपाक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसिड अटैक पीड़िता पर बनी दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक दूनवासियों को पहले दिन थोड़ा कम ही गई। इसमें एसिड अटैक से पीड़ित उन लोगों की पीड़ा की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया है जिन्हें समाज उपेक्षित नजरों से देखता है। काबिलियत होने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिलती।

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लेकिन, लक्ष्मी अग्रवाल का किरदार निभा रही दीपिका ऐसी पीड़िताओं की आवाज बनती हैं। शुक्रवार को फिल्म रिलीज होने पर इंगेजिंग यंग इंडिया ने युवाओं को मुफ्त में फिल्म दिखाई। संस्था अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने एस्लेहाल स्थित सिनेमा घर में दोपहर में दर्जनों युवाओं के साथ फिल्म देखी। 

टिकट बुकिंग रही औसत
भले ही फिल्म को युवा पसंद कर रहे हैं, लेकिन पहले दिन के शो में टिकट बुकिंग का ग्राफ ज्यादा खास नहीं रहा। शहर के एक मल्टीप्लेक्स के मालिक सुयश अग्रवाल ने बताया कि फिल्म की टिकट बुकिंग अन्य फिल्मों की भांति 25 से 45 फीसद औसत रही। हालांकि, रात के शो में थोड़ा इजाफा हुआ है। 

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ये बोले दर्शक

एसिड अटैक पीड़िता के संघर्ष पर बनी यह फिल्म अच्छी है। युवाओं को इसे देखना चाहिए। फिल्म का राजनीतिक कारणों से विरोध हो रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, अध्यक्ष, इंगेजिंग यंग इंडिया।
इस फिल्म में एसिड अटैक पीड़िता के संघर्ष की कहानी दिखाई गई है। समाज में उन्हें उपेक्षा की नजर से देखा जाता है। जबकि उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत होती है। -शिवानी
फिल्म युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। आमतौर पर एसिड अटैक पीड़ितों की तरफ कोई हमदर्दी नहीं रखता। फिल्म में दीपिका पादुकोण ने शानदार किरदार निभाया है।
-अंजली 
मोटिवेशनल फिल्म है। इसमें दिखाया है एसिड अटैक पीड़ितों को नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। जबकि समाज के लोग उनसे दूरी बनाते हैं। समाज के लिए यह आईना है।
-इल्मा,
फिल्म का राजनीतिक विरोध नहीं होना चाहिए। यह युवाओं को प्रेरित करने वाली है। फिल्म पसंद आई। इसमें वह कहानी दिखाई है। जिससे कोई भी जूझ सकता है। -अभिषेक तोमर
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