उत्तराखंड शिक्षक प्रथम नियुक्ति एवं तबादला नियमावली में शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिली है। अब शिक्षिकाओं को पहली नियुक्ति और प्रमोशन पर अति दुर्गम स्कूल में ही भेजने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
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ऐसी शिक्षिकाएं जो सैनिक की पत्नी या स्वतंत्रता सेनानी की पुत्री हैं, को भी तबादलों में छूट दी जाएगी। उन्हें अति दुर्गम स्कूलों में नहीं भेजा जाएगा। उत्तराखंड शिक्षक प्रथम नियुक्ति, पदोन्नति एवं स्थानांतरण पर पदस्थापन संशोधन नियमावली को मुख्यमंत्री हरीश रावत की मंजूरी मिल चुकी है।
पूर्व नियमावली में प्रावधान था कि प्रथम नियुक्ति और हर प्रमोशन पर शिक्षिकाओं को डी श्रेणी (दुर्गम) के दुर्गम, अति दुर्गम और विशिष्ट दुर्गम विद्यालयों में से किसी भी विद्यालय में भेजा जा सकता था। लेकिन संशोधित नियमावली में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
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अब शिक्षिकाओं को अति दुर्गम या विशिष्ट दुर्गम स्कूलों के बजाय यथासंभव दुर्गम श्रेणी के विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी। अब उनकी पहली नियुक्ति और विभाग में प्रमोशन में वाई (दुर्गम क्षेत्र) के ई (अति दुर्गम) और एफ विशिष्ट दुर्गम) श्रेणी के विद्यालयों की बाध्यता नहीं होगी।
विजिटिंग प्रवक्ताओं को नहीं देना होगा इंटरव्यू
सरकारी इंटर कॉलेजों में 4000 पदों पर होने वाली विजिटिंग प्रवक्ताओं की भर्ती सीधे की जाएगी। आवेदकों को इंटरव्यू से नहीं गुजरना होगा। शासन से इस संबंध में वित्त और कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति होने तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शासन विजिटिंग प्रवक्ताओं की नियुक्ति करने जा रहा है।
सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा इनकी नियुक्ति की जाएगी। अपर मुख्य सचिव एस राजू के मुताबिक विजिटिंग प्रवक्ताओं के लिए वित्त व कार्मिक विभाग से मंजूरी मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बताया कि इंटरव्यू के बजाय इस प्रक्रिया को मेरिट के आधार पर पूर्ण किया जाएगा।
गायब 204 गुरुजी होंगे बर्खास्त
प्रदेश में छह माह और इससे अधिक समय से बिना सूचना अनुपस्थित चल रहे 204 शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। शिक्षा महानिदेशक ने समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को इसके निर्देश जारी किए हैं।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में कई शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इनके वापस आने की स्थिति स्पष्ट न होने से संबंधित स्कूलों में न तो अन्य शिक्षकों का तबादला हो रहा है, न ही नई नियुक्ति हो पा रही है।
कुछ तो डेढ़-दो साल से नदारद हैं। कई बार नोटिस भेजने के बावजूद न तो ये शिक्षक तैनाती पर आ रहे हैं, न ही कोई जवाब देते हैं। अब शिक्षा महानिदेशक राधिका झा ने समस्त सीईओ को दिए निर्देश में कहा है कि 31 दिसंबर तक इन शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई कर स्थिति से महानिदेशालय को अवगत कराया जाए।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इन शिक्षकों की वजह से नई नियुक्तियां और तबादले नहीं हो पा रहे हैं। भविष्य में भी यदि कोई शिक्षक लंबे समय तक अनुपस्थित मिला तो उसे बर्खास्त किया जाएगा। - राधिका झा, शिक्षा 'महानिदेशक
वर्षों से प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में ‘वनवास’ झेल रहे 1242 बेसिक शिक्षकों का सुगम स्कूलों में स्थानांतरित होने का रास्ता साफ हो गया है। शासन की उच्च स्तरीय कमेटी ने पांच से 15 वर्षों से दुर्गम में तैनात इन शिक्षकों के स्थानांतरण को मंजूरी दे दी है।
प्रदेश में हाल में 2794 पदों पर शिक्षकों की भर्ती हुई थी। लेकिन पहली तैनाती दुर्गम-अति दुर्गम में देने के नियम के कारण इन सभी शिक्षकों को सुगम स्कूल नहीं दिए गए, जबकि प्रदेश के सुगम स्कूलों में शिक्षकों के 1242 पद खाली थे।
इसके चलते दुर्गम में पहले से शिक्षकों की तैनाती के चलते सरप्लस शिक्षक हो गए हैं। अब संतुलन बनाने के लिए शासन की कमेटी ने तबादला नियमावली के प्रावधान 29 (1) के आधार पर लंबे समय से दुर्गम-अति दुर्गम में तैनात 1242 शिक्षकों के तबादले को मंजूरी दी है। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बृहस्पतिवार शाम इस बाबत आदेश जारी कर दिया।
यह है 29 (1) नियमावली के अनुपालन में आ रही कोई ऐसी परेशानी, जिसका नियमावली में स्पष्ट प्रावधान न हो, पर शासन स्तर पर गठित कमेटी जरूरी निर्णय ले सकती है।
...लेकिन हो सकता है खेल शासन की कमेटी ने तबादले मंजूर तो किए हैं, लेकिन इसमें फिर चहेतों को लाभ पहुंचाने का खेल हो सकता है। सूत्रों की मानें तो शासन की अनुमति से पहले ही चहेतों से सुगम स्कूलों के विकल्प भरवाए जा चुके हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों 150 शिक्षकों के तबादले निरस्त होने के बाद शासन पर इन शिक्षकों के तबादलों के लिए बड़ा दबाव था। अब इन शिक्षकों को भी एडजस्ट किया जा सकता है।
दुर्गम विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक हो गए थे। इन शिक्षकों की सुगम स्कूलों में तैनाती का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। दस दिन के भीतर ये शिक्षक सुगम विद्यालयों में आ जाएंगे। - एस राजू, अपर मुख्य सचिव