फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय युवक की मलेशिया में हिरासत में मौत

Thu, 12 Jun 2014 06:57 PM IST
अमर उजाला, नई टिहरी
विज्ञापन
विज्ञापन
धनोल्टी तहसील के लामकांडे गांव निवासी एक युवक की मलेशिया में बीती 3 जून को पुलिस हिरासत में मौत हो गई। युवक के परिजनों ने मुख्यमंत्री व केंद्रीय विदेश मंत्री से शव को भारत लाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन


इस संबंध में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और उन्हें ज्ञापन सौपकर शव घर लाने जाने की मांग की है।

सकलाना के लामकांडे गांव निवासी जयेंद्र सिंह रावत (26) पुत्र वीर सिंह रावत पिछले साल 10 अक्तूबर को मलेशिया होटल में नौकरी करने गया हुआ था। दिल्ली के दो एजेंट जबर सिंह राणा और अंसारी ने जयेंद्र को नौकरी के लिए मलेशिया भेजा था।

कागजात न होने की वजह से हुआ गिरफ्तार

जयेंद्र के चाचा सूरत सिंह रावत ने बताया कि वह एक स्थानीय एजेंट के माध्यम से दो जून को मलेशिया से सड़क मार्ग से थाइलैंड जा रहा था लेकिन पूरे कागजात न होने की वजह से जयेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

जयेंद्र की तीन जून को उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। जयेंद्र का बड़ा भाई रमेश भी मलेशिया रहता है।

नौ जून को रमेश रावत ने अपने चचेरे भाई राय सिंह नेगी को फोन पर जयेंद्र के मरने की सूचना दी जिसके बाद घर में कोहराम मच गया।

परिजनों ने की शव भारत वापस लाने की मांग

नौ जून से परिजन जयेंद्र के शव को भारत लाए जाने के प्रयास में लगे हैं लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है।

इस सबंध में बृहस्पतिवार को जयेंद्र के परिजनों ने डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपकर शव वापस मंगाने की मांग की।

डीएम ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री तथा विदेश मंत्री को फैक्स भेजकर मामले से अवगत कराया। शिष्टमंडल में भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद सुयाल, जिला महामंत्री संजय नेगी आदि शामिल थे।
विज्ञापन

जुलाई में घर आना था जयेंद्र को

पहली बार विदेश गए जयेंद्र का परिजन को अगले माह घर आने का बेसब्री से इंतजार था। मलेशिया से जयेंद्र ने अपने माता-पिता को बताया था कि वह जुलाई माह में 15 दिन के लिए घर आएगा, लेकिन किस्मत को कुछ ओर ही मंजूर था।

9 जून को जब पुलिस हिरासत में जयेंद्र की मौत की सूचना मिली तब से परिजन बदहवास हैं। परिजन अब मलेशिया में रह रहे अपने बडे़ बेटे विजय सिंह की सलामती की दुआ कर रहे है।

परिजनों को विदेश मंत्रालय के रुख का इंतजार है कि वह शव भारत लाने में उनकी मदद करे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें