पथरिया पीर में 48 घंटे में छह लोगों की मौत से मातम का माहौल होने के कारण पूरी गली में चूल्हे नहीं जले है। मरने वालों के घरों पर लोगों का जमघट लगा है, जो शराब बेचने वालों को कोस रहे हैं। परिवार के मुखिया के जाने के कारण कई घरों में तो रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। इंदर का इकलौता बेटा अनाथ हो गया है। मां पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी है।
मौत के मुंह में गए तमाम लोग शराब की लत का शिकार थे। रिटायर्ड फौजी शरण को छोड़कर मरने वाले लोग प्राइवेट जॉब अथवा दहाड़ी मजदूरी करते थे। सुरेन्द्र चौहान पुताई का काम कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। इंदर एक होटल में बर्तन सफाई करता था। उसकी पत्नी पहले ही चल बसी थी।
इंदर अपने इकलौते बेटे को बिलखता छोड़ गया है। आकाश की तो हाल में ही शादी हुई थी, लेकिन शराब की लत उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। राजेन्द्र भी प्राइवेट जॉब कर परिवार चला रहा था। उसके चार बच्चे बताए गए है। लल्ला भी शादी शुदा था। इनकी मौत परिवार पर कहर बनकर टूटी है। इनके घरों में कोहराम मचा है।
शराब बेचने के आरोपी के घर हंगामे के बीच पुलिस ने उसकी मां और बहन को हिरासत में लिया। पुलिस जैसे ही आगे बढ़ी तो कुछ महिलाओं और पुरुषों ने आरोपी की बहन को ले जाने पर हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था भाई के कृत्य की सजा बहन को क्यों दी जाए? इस पर कुछ लोगों ने युवती को जबरन पुलिस से छुड़ा लिया। इससे नाराज सीओ सदर ने एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया, तब जाकर लोग पीछे हटे। उसके बाद पुलिस बहन को छोड़कर आरोपी की मां को साथ ले गई।
पथरिया पीर इलाके में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ आसपास के लोगों में गुस्सा है। शुक्रवार को छह लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने शराब बेचने के आरोपी गौरव के घर में घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान गौरव की मां और प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं में नोक-झाेंक हो गई। प्रदर्शनकारी जबरन उनके घर में घुसने लगे। लेकिन, पहले से जांच के लिए मौके पर पहुंची पुलिस उनके आगे खड़ी हो गई। बाद में महिला पुलिस को बुलाकर आरोपी की मां-बहन को अभिरक्षा में लेकर पुलिस चल दी।
रास्ते में कुछ प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस को रोक लिया। मांग की आरोपी गौरव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन, इसमें बहन का कोई दोष नहीं है। उसकी शादी होने वाली है। उसे छोड़ दिया जाए। काफी देर तक इसी बात को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में नोक-झाेंक होती रही। आखिर महिलाएं युवती को पुलिसकर्मियों से जबरन छुड़ा ले आई। इससे नाराज सीओ सदर लोकजीत सिंह ने अभद्रता पर एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया, उसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गौरव घर से शराब बेचता था। ऐसे में उसके घर में शराब का स्टॉक हो सकता है। पुलिस ने दो बार घर की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। शांत करने को पुलिस प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को साथ ले गई थी। लोगों का आरोप था कि इस इलाके में चार लोग शराब लेकर बेचते है। अधिकांश लोग उनसे शराब लेते हैं। महिलाओं ने अन्य आरोपियों के घरों पर भी हंगामा किया। पुलिस सक्रियता के चलते आरोपी किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं कर पाए।
जहरीली शराब से मौतों के मामले में कांग्रेस ने त्रिवेंद्र सरकार पर जोरदार हमले किए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने रुड़की के बाद दून में जहरीली शराब से मौतों को गंभीर बताते हुए सीएम से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा है कि त्रिवेंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल है। डेंगू से तमाम लोगों की मौत के बाद अब जहरीली शराब के कहर से साबित है कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने एक बयान में कहा है कि रुड़की की घटना से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा है कि रुड़की के मामले में शराब यूपी से आने की बात कहकर लीपापोती की गई, लेकिन राजधानी में मौत होने के बाद सरकार के पास कहने के लिए क्या है? उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण के साथ ही शर्मनाक भी बताया है। उन्होंने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण इसलिए है क्योंकि आबकारी महकमा खुद सीएम संभाल रहे हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भी वे फेल हो चुके हैं। इन स्थितियों में उन्हें अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
दूसरी तरफ, एक बयान में कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि प्रदेश में जहरीली शराब से लोगों की मौत की वारदात की पुनरावृत्ति चिंतनीय है। ये राजनीति का विषय नहीं है लेकिन पूरे उत्तराखंड में खुले आम अवैध शराब की बिक्री और तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा है कि रूड़की के बाद अब देहरादून में हुई जहरीली शराब की घटना ने डबल इंजन सरकार के दावों की पोल खोल दी है।