ड्रग विभाग के पास एक चौथाई इंस्पेक्टर
ये तो सिर्फ पुलिस कार्रवाई के आंकड़े हैं। इसकी असल जिम्मेदारी ड्रग विभाग की होती है। ड्रग विभाग इस तरह की दवाओं के कारोबार की निगरानी करता है। लेकिन, ड्रग विभाग के पास लंबे समय से इंस्पेक्टरों की कमी बनी हुई है। मौजूदा समय में ड्रग विभाग के पास 40 इंस्पेक्टर होने चाहिए। मगर, केवल नौ इंस्पेक्टरों से ही काम चलाया जा रहा है। अब विभाग की यह इतनी सी फौज न तो निगरानी कर पा रही है और न ही कार्रवाई। नतीजा प्रदेश में नकली दवाओं का धंधा फल फूल रहा है।
ये हैं प्रमुख कार्रवाई
05 जून 2022 : भगवानपुर क्षेत्र में एसटीएफ ने नकली दवा कंपनी पकड़ी। एक करोड़ रुपये से ज्यादा का माल बरामद, छह आरोपी गिरफ्तार हुए।
30 जून 2022 : एसटीएफ ने हरिद्वार में एक के बाद एक पांच गोदामों पर छापे मारे। 50 बोरी खुली टैबलेट्स और 80 बोरा कच्चा माल बरामद हुआ।
02 जुलाई 2022 : हरिद्वार क्षेत्र में ही एक और फैक्टरी पकड़ी गई। दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा।
31 जुलाई 2022 : भगवानपुर क्षेत्र में नकली दवा बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी। एसटीएफ ने तीन आरोपियों को पकड़ा।
30 अक्तूबर 2022 : पुलिस ने हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र में ही एक और फैक्टरी पकड़ी। यहां से भारी मात्रा में इंजेक्शन का जखीरा पकड़ा गया।