व्यापारियों ने इंदिरा मार्केट रि डेवलपमेंट प्लान को कैबिनेट के स्तर से मिली मंजूरी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने प्लान के विरोध में मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों की भावनाओं के खिलाफ निर्णय ले रही है, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
शनिवार को व्यापारियों ने एकत्रित होकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि इंदिरा मार्केट रि डेवलपमेंट प्लान में पीपीपी मोड के प्रस्ताव को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। व्यापारी साल 2003 से द माल योजना, द हाट योजना और रि डेवलपमेंट प्लान का विरोध करते आ रहे हैं।
कई बार बातचीत के बावजूद एमडीडीए के स्तर से व्यापारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि उनका रोजगार मौजूदा जगह पर ही चल सकता है। इसलिए यथास्थान फ्री होल्ड देकर व्यापारियों को रजिस्ट्री का लाभ दिया जाना बेहतर है।
बैठक में इंदिरा मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरभेज सिंह, सचिव सुरेंद्र गुप्ता, राजपुर रोड व्यापार मंडल अध्यक्ष सतनाम सिंह, लोकल बस स्टैंड मार्केट अध्यक्ष दर्शन सिंह, संयुक्त संघर्ष समिति सचिव अनंत आकाश, राजू गुलाटी, नीरज टंडन, सतीश मेहता, रवि प्रकाश समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।