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प्रिंसिपल बनकर साइबर ठगों ने डीएवी के प्रोफेसर को ठगा

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साइबर ठगों ने प्रिंसिपल बनकर प्रोफेसर को ही ठग लिया। ठगों ने प्रिंसिपल की प्रोफाइल पिक्चर लगाकर प्रोफेसर से संपर्क किया था। इमरजेंसी बताकर 30 हजार रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। प्रोफेसर को जब ठगी का पता चला तो पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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एसओ रायपुर मनमोहन सिंह नेगी ने बताया कि प्रोफेसर डॉ. एके सिन्हा ठगी का शिकार हुए हैं। पुलिस को बताया कि 29 सितंबर को उनके पास व्हाट्सएप पर मैसेज आया था। इसमें कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केआर जैन की डीपी में फोटो लगी थी। प्रिंसिपल समझकर वह बात करने लगे। इस बीच उन्होंने खुद को इमरजेंसी में बताकर 30 हजार रुपये की मांग की। व्हाट्सएप पर एक अकाउंट नंबर भी भेजा। प्रोफेसर ने बिना देर किए 30 हजार रुपये खाते में जमा कर दिए।
इसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल को फोन किया तो वह चौंक गए। पता चला कि प्रिंसिपल ने उनसे कोई पैसे नहीं मांगे हैं। इसके बाद पता चला कि प्रोफेसर तो ठगी का शिकार हो गए हैं। ये रुपये असम निवासी किसी व्यक्ति के खाते में गए थे। प्रोफेसर ने बैंक से संपर्क कर रुपये होल्ड करा दिया। एसओ ने बताया कि मामले में साइबर थाने ने जांच की। इसके बाद रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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