अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस अवसर पर हाथीबड़कला स्थित सर्वे चौक ऑडोटोरियम में विभिन्न क्षेत्रों ?
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे बेटियों को सच्चे अर्थों में सशक्त बनाया जा सकता है। राज्यपाल रविवार को सर्वे ऑफ इंडिया हाथीबड़कला के सभागार में महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहीं थीं।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने 15 स्वयं सहायता समूहों और उनके मास्टर ट्रेनरों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अपनी बेटियों को पंख दें ताकि वे ऊंची उड़ान भर सकें। उनकी प्रतिभाओं को निखारने में सहयोग करें। महिला का बच्चों को अच्छी परवरिश व संस्कार देने और परिवार की सुख समृद्धि में अहम योगदान होता है। महिलाएं वीरता, बुद्धिमत्ता, ज्ञान, भक्ति व शक्ति की प्रतीक होती हैं।
कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल एक्शन एंड रिसर्च सोसाइटी की ओर से किया गया था। स्वयं सहायता समूहों को मार्केटिंग, पैकेजिंग जैसे कार्यों के लिए उचित प्रशिक्षण व कौशल विकास को सहायता देने पर भी राज्यपाल ने जोर दिया। कार्यक्रम में विधायक गणेश जोशी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें समानता का अवसर दिए जाने चाहिए। परिवार से ही लिंगभेद को समाप्त किया जाना चाहिए। इस अवसर पर सोसाइटी की अध्यक्ष नेहा जोशी व स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं भी उपस्थित रहीं।