बेटों में व्यावसायिक कोर्सों की चाह ज्यादा
अब हर ब्लॉक में बड़े कॉलेज उपलब्ध हैं, यही सबसे बड़ा कारण है कि राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा है। वहीं यह भी सच है कि व्यावसायिक कोर्सों की चाह में बेटे सरकारी संस्थानों में कम दाखिले ले रहे हैं।
- डॉ.धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री
बेटों की शिक्षा पर ज्यादा फोकस कर रहे कुछ अभिभावक
यह सच है कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अच्छा कर रही हैं, लेकिन आज भी कुछ मां-बाप ऐसे हैं जो बेटियों से ज्यादा बेटों की शिक्षा पर फोकस करते हैं। वो मानते हैं कि बेटियों को तो शादी कर दूसरे घर चले जाना है लेकिन बेटे परिवार के उत्तराधिकारी होते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी शिक्षा देने और उन पर अधिक खर्च करने में वो ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं।
- पुष्पा मानस, पूर्व शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड