लोगों ने कहा कि आभा ने बेटी होते हुए मां की चिता को मुखाग्नि देकर पुरुषों का वर्चस्व तोड़ने का काम किया है। ज्योतिषाचार्य हेतराम थपलियाल ने कहा कि गरुड़ पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि बेटा न होने की दशा में बेटियां भी अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार और अन्य कर्मकांड कर सकती हैं।
इस मौके पर नगर पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, राजेंद्र गुसाईं, जयपाल सिंह नेगी, अजय धमाधा, मनवीर सिंह नेगी, मुकेश भंडारी, बिजेंद्र नेगी और राकेश भंडारी आदि मौजूद थे।