पिथौरागढ़ के बेड़ीनाग में एक दामाद पत्नी की बड़ी बहन के साथ मिलकर नौ साल तक मृतक ससुर की पेंशन लेता रहा।
दामाद बैंक में हर साल मृतक का जीवित प्रमाणपत्र लगाता रहा। मृतक के फर्जी हस्ताक्षरों से चेक के जरिए दामाद और मृतक की बड़ी बेटी के खातों में पेंशन की रकम ट्रांसफर होती रही।
बैंक की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरकार को करीब 40 लाख रुपए की चपत लगाने वाले इस कारनामे की आंच बैंक कर्मियों के साथ ही कई और पर भी आ सकती है।
बेड़ीनाग एसबीआई शाखा के प्रबंधक सत्येंद्र सिन्हा ने 7 अक्तूबर को बेड़ीनाग थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि थल तहसील के बलगड़ी निवासी खाताधारक मोहन सिंह धामी पुत्र स्व. दौलत सिंह धामी पेंशन प्राप्त करते थे। मोहन सिंह धामी आनरेरी कैप्टन पद से रिटायर्ड हुए थे।
कुछ समय पहले एक पेंशनर के माध्यम से मालूम हुआ कि मोहन सिंह धामी की मृत्यु तो कई साल पहले हो चुकी है। पेंशनर के खाते की छानबीन करने पर मालूम हुआ कि पेंशन खाते में वर्षवार मोहन सिंह धामी का जीवित प्रमाण पत्र जमा हो रहा है।