ग्राम ढकरानी के मुख्य मार्ग पर बना शक्ति नहर का पुल किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। भारी वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए बनाए गए पक्के बैरिकेड को वाहन चालकों ने तोड़कर पुल से निकलने का रास्ता बना लिया है। अपनी तकनीकी आयु पूरी कर चुका पुल भारी वाहनों के संचालन के दौरान किसी भी समय भरभराकर गिर सकता है।
शक्ति नहर के पुलों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। आवाजाही रोकने के लिए सीमेंट से पक्के बैरिकेड बनाए गए थे। कुछ दिन पहले वाहन चालकों ने बैरिकेड के एक हिस्से को तोड़कर पुल से जाने का रास्ता बना लिया है। जिससे क्षेत्र में बड़ी दुर्घटना के घटने की आशंका प्रबल हो रही है।
तकनीकी आयु पूरी कर चुके शक्ति नहर के पुल
डाकपत्थर से लेकर ढकरानी तक शक्ति नहर पर छह पुल बने हुए हैं। जिनका निर्माण 1960 में बिजली परियोजनाओं के निर्माण के समय कराया गया था। कई तकनीकी संस्थाओं ने पुलों को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए असुरक्षित माना है। जिसके चलते सभी पुलों के एक सिरे पर पक्के अवरोध बनाकर पुलों को इतना संकरा किया गया है जिनमें से छोटे वाहन ही निकल सकें। बतादें कि जर्जर होने के कारण नवाबगढ़ क्षेत्र में बना शक्ति नहर का पुल नंबर एक 2004 में अचानक से ढह गया था। जिसके बाद उस स्थान पर लोहे का पुल बनाया गया था।
बयान...
सरकारी संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करना या उसे नष्ट करना अपराध की श्रेणी में आता है। बैरिकेड तोड़ने के मामले की जांच करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पुल पर बने बैरिकेड को ठीक कराया जाएगा। - अभय सिंह, अधिशासी अभियंता, जलविद्युत निगम सिविल विंग